दलाल नही . इंजीनियर बनाओ  चाटुकारों और पिछलघुओं

दलाल नही . इंजीनियर बनाओ चाटुकारों और पिछलघुओं

दलाल नही . इंजीनियर बनाओ

चाटुकारों और पिछलघुओं को समर्पित। ।।
बुरा लगे तो नेत्रदान तुरन्त करदें।।

 

छात्रों ज़रा गौर करना कि जो मास्टर एडमीशन के लिए तुमसे कहता हो कि बेटा कॉलेज में एडमिशन कराओ, क्या वो पूरे सेमेस्टर तुमको सही से पढ़ाता था?
दलाली का हिस्सा मत बनना।।
इंजीनियरिंग करने आये हो तो अपनी इज़्ज़त करना सीखो।।
10 हज़ार के लिए किसी का भविष्य से न खेलना।

जिन अध्यापकों ने जो चाटुकारिता का रास्ता पकड़ा था उसी का नतीजा भोग रहें हैं।

चेयरमैन की निगाह में खुद को चाटुकारिता की सीढ़ी से उठाने के लिए एडमिशन करवांना इसी का हिस्सा था जो आज कोढ़ बन गया।

वाह वाही लूटने और अध्यापन को छोड़ यह छोचे कृत्य आज उन्ही शिक्षकों के लिए कोढ़ हो गया जिसकी बलि छात्रों का भविष्य दे रहा।